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अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की जमीन के विस्थापित परिवारों के लिए 48 हेक्टेयर मे बसायी जायेगी टाउनशिप
September 9, 2019 • Ajit Kumar Singh

गौतम बुध नगर ◽◽उत्तरप्रदेश◽◽ विस्थापित परिवारों के लिए 48 हेक्टेयर जमीन मे जेवर बांगर मे बसायी जायेगी टाउनशिप

जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर ब्रजेश नारायण सिंह के निर्देशानुसार गौतमबुद्धनगर के प्रशासनिक अधिकारी और जेवर एयरपोर्ट प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अभय कुमार सिंह जेवर मे बनने अन्तरराष्ट्रीय ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के कार्य को तीव्र गति से निरन्तर आगे बढा रहे हैं, जिसके अंतर्गत मुआवजा वितरण, जमीन अधिग्रहण के साथ विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए टाउनशिप बसाये जाने का कार्य भी आगे बढ रहा है। इस समय प्रशासन अपना प्रतिकर ले चुके किसानों की जमीन अधिग्रहण कर निरन्तर यमुना प्राधिकरण को सौंपी जा रही है। अब तक लगभग 70 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण की जा चुकी है। 

अब तक 845 हेक्टेयर जमीन का बँट चुका है मुआवजा 

अन्तरराष्ट्रीय ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट जेवर के लिए छह ग्रामों 1239 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। किसानों को 3167 करोड़ का मुआवजा बांटा जाना है। इसमें से 845 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण कर 2094 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। इसमें से 745 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा लेकर प्रशासन ने यमुना प्राधिकरण को सौंप दिया है। 493 हेक्टेयर जमीन का 1073 करोड़ का मुआवजा वितरण और जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया जारी है। 

745 हेक्टेयर जमीन की जा चुकी है अधिग्रहित 

जिसमें अब तक 6 ग्रामों दयानतपुर मे 163 हेक्टेयर, ग्राम रोही मे 306.5 हेक्टेयर, ग्राम पारोही मे 75 हेक्टेयर, ग्राम रन्हेरा मे 94 हेक्टेयर,ग्राम किशोरपुर मे 100 हेक्टेयर, ग्राम बनवारीबांस मे 5.5 हेक्टेयर कुल 745 हेक्टेयर जमीन किसानों से अधिग्रहित कर यमुना प्राधिकरण को सौंपी जा चुकी है।

पहले चरण में 3625 परिवारों को किया जायेगा विस्थापित 

जेवर एयरपोर्ट में मुआवजा वितरण एवं जमीन पर कब्जे के साथ साथ प्रशासन ने विस्थापन प्रक्रिया भी तेज कर दी है। प्रशासन ने परियोजना में प्रभावित 8991 परिवारों में से 6366 परिवारों के भेजे विस्थापन के मसौदे को कमिश्नर की मंजूरी मिल गई है। जिसमे 4991 परिवारों के मसौदे को कमिश्नर ने पहले ही मंजूरी दे दी थी। और शुक्रवार को 1375 परिवारों के विस्थापन मसौदे को भी मंजूरी मिल गयी। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण मे छह ग्रामों में से ग्राम रोही की सारी आबादी के अलावा ग्राम दयानतपुर के तीन माजरों नगला छीतर, नगला शरीफ खां व खेड़ा और ग्राम किशोरपुर 55 परिवारों को विस्थापित किया जाना है। प्रशासन ने विस्थापन मसौदा तैयार करने से पहले ही विस्थापित होने वाले 3625 परिवारों को जेवर टप्पल मार्ग पर यमुना एक्सप्रेस वे के बीच मे जेवर बांगर की 48 हेक्टेयर जमीन पर बसाने का फैसला किया था, जिसके लिए प्रशासन को 236 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। जेवर एयरपोर्ट परियोजना के अंतर्गत विस्थापित होने वाले परिवारों को बसाने के लिए टाउनशिप तैयार की जाएगी जिसकी शासन से अनुमति भी मिल चुकी है। जेवर बांगर क्षेत्र की 48 हेक्टेयर जमीन पर टाउनशिप तैयार की जायेगी।टाउनशिप के सामाजिक समाघात निर्धारण के अध्ययन की जिम्मेदारी के लिए उड्डयन विभाग ने गौतमबुद्धनगर विश्वविद्यालय को एजेंसी नामित किया है जो 31 अक्टूबर तक जेवर बांगर की जमीन का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी।नागरिक उड्डयन विभाग ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 27 अगस्त से सामाजिक समाघात निर्धारण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करा दी थी। जेवर एयरपोर्ट प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अभय कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 15 जुलाई को प्री बिड मीटिंग हो चुकी है। अब तक देश विदेश की 16 कंपनियों बिड खरीद चुकी है। नोयडा एयरपोर्ट में कम्पनीयाँ अधिक रूचि दिखा रही है जिनके बिड दाखिल करने की तिथि 30 अक्टूबर 2019 है। 6 नवम्बर को टेक्निकल बिड और 29 नवम्बर को फाइनेंसियल बिड खुलेगी।

जेवर टप्पल मार्ग पर जेवर बांगर मे 236 करोड़ रुपये के बजट से 48 हेक्टेयर जमीन पर विस्थापित परिवारों के लिए टाउनशिप बसायी जायेगी। परियोजना मे 6366 परिवारों के विस्थापन के मसौदे को कमिश्नर की मंजूरी भी मिल गई है।